जीनोम वैली में मिल्टेनी नवाचार और प्रौद्योगिकी केंद्र लांच

हैदराबाद, सेल और जीन थेरेपी समाधानों की अग्रणी मिल्टेनी बायोटेक ने आज हैदराबाद में भारत का पहला सेल एंड जीन थेरेपी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस लांच किया।

जीनोम वैली में स्थित इस मिल्टेनी नवाचार और प्रौद्योगिकी केंद्र के लांचिंग कार्यक्रम में तेलंगाना सरकार के विशेष मुख्य (सूचना प्रौद्योगिकी तथा उद्योग) सचिव जयेश रंजन, चेन्नई में जर्मनी की महावाणिज्य दूत (अंतरिम) डॉ. कैथरीन मिसेरा लैंग, हैदराबाद में जर्मनी की मानद वाणिज्य दूत अमिता देसाई, मिल्टेनी बायोटेक बी.वी. एंड कंपनी केजी के मुख्य वाणिज्यिक अधिकारी और बोर्ड सदस्य डॉ. बोरिस स्टॉफेल, मिल्टेनी बायोटेक इंडिया की प्रबंध निदेशक प्रिया हिंगोरनी, तेलंगाना लाइफ साइंसेज के सीईओ शक्ति नागप्पन सहित अन्य उपस्थित थे।

भारत का पहला सेल एंड जीन थेरेपी सेंटर लांच

जानकारी देते हुए बताया गया कि मिल्टेनी नवाचार और प्रौद्योगिकी केंद्र के लांचिंग के साथ मिल्टेनी बायोटेक ने भारत के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत किया है। यह कदम कंपनी के भारत के तेजी से बढ़ते जीवन विज्ञान क्षेत्र में अत्याधुनिक जैव प्रौद्योगिकी तथा नवाचार को बढ़ावा देने के दृष्टिकोण का परिचायक है।

यह केंद्र सेल और जीन थेरेपी विकास को आगे बढ़ाने के लिए डिजाइन किया गया है। यह कैंसर सहित अन्य बीमारियों से लड़ने के लिए विशेषज्ञता, सर्वोत्तम प्रथाओं और अत्याधुनिक तकनीकों को एकीवफढत कर नवाचार को बढ़ावा देगा। इस सुविधा में उन्नत उपकरणों के साथ थेरेपी विकास और विनिर्माण प्लेटफार्म और इंटरैक्टिव प्रशिक्षण के अवसर शामिल हैं।

मिल्टेनी बायोटेक ने नवाचार को बढ़ावा दिया

जयेश रंजन ने कहा कि मिल्टेनी बायोटेक केंद्र की स्थापना तेलंगाना के जीवन विज्ञान अनुसंधान और नवाचार के लिए एक अग्रणी केंद्र के रूप में उभरने में महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यह सहयोग हमारे स्वास्थ्य सेवा पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करते हुए कोशिका और जीन थेरेपी में उल्लेखनीय प्रगति का मार्ग प्रशस्त करेगा।

उन्होंने कहा कि यह रोजगार और वैश्विक निवेश के नए रास्ते भी खोलेगा, जिससे तेलंगाना की स्थिति जीवन विज्ञान और जैव प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में एक नेता के रूप में मजबूत होगी।डॉ. कैथरीन मिसेरा लैंग ने कहा कि हैदराबाद में स्थापित मिल्टेनी नवाचार और प्रौद्योगिकी केंद्र जैव प्रौद्योगिकी और स्वास्थ्य सेवा में भारत और जर्मनी के बीच बढ़ते सहयोग का उदाहरण है।

सेल और जीन थेरेपी में वैश्विक क्रांति का कदम

यह अत्याधुनिक सुविधा सेल और जीन थेरेपी के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देते हुए स्वास्थ्य सेवा परिणामों में सुधार कर जीवन विज्ञान में भारत के नेतफत्व को मजबूत करेगा। डॉ. बोरिस स्टॉफेल ने कहा कि यह केंद्र सेल और जीन थेरेपी में वैश्विक क्रांति को गति देने में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि यह सीमित उपचार विकल्पों वाली बीमारियों के लिए नई चिकित्सा विकसित करने में वैज्ञानिक, चिकित्सा तथा उद्योग समुदाय का समर्थन करेगा।

प्रिया हिंगोरनी ने कहा कि हम हैदराबाद में भारत का पहला सेल और जीन थेरेपी उत्वफढष्टता केंद्र लांच कर रोमांचित हैं। हमारी यह पहल शोधकर्ताओं और चिकित्सकों को विश्वस्तरीय उपकरणों और विशेषज्ञता के साथ सशक्त बनाने, जीवन को बदलने के लिए सेल और जीन थेरेपी में नवाचार को बढ़ावा देने हेतु समर्पण को दर्शाती है। साथ ही वैश्विक जैव प्रौद्योगिकी परिदृश्य में भारत की बढ़ती प्रमुखता में योगदान देने के लिए मिल्टेनी बायोटेक की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।

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