विनयवान ही होता है सभी को प्रिय : राजमतीश्रीजी

हैदराबाद, जो व्यक्ति नमन करता है विनय करता है वही दुनिया का सबसे प्रिय होता है। सभी से उसे स्नेह मिलता है। उक्त उद्गार सिख छावनी स्थित श्री आनंद जैन भवन कोरा में श्री जैन श्रावक संघ कोरा के तत्वावधान में आयोजित धर्म सभा में पूज्यश्री राजमतीश्रीजी म.सा. राजुल आदि ठाणा 3 ने दिये। यहाँ मंत्री अनिल तातेड़ एवं धर्मेंद्र मांडोत द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, पूज्यश्री ने कहा कि गुणी बनोगे तो गुलाब व कमल की तरह सुगंधित रहोगे।

जीवन में गुण और अवगुण एक साथ रहने वाली नहीं हैं, व्यक्ति या गुणी होगा या अवगुणी। जीवन में गुणी वह है, जो गुण ही लेता है और अवगुणी वह, जो अवगुण ही ग्रहण करता है। म.सा. ने कहा कि एक ही खेत के अंदर यदि खरबूजा और कांदा उगाया जाए तो कांदे में खरबूजे के गुण आने वाले नहीं हैं। कांदा खरबूजा में लगाने से मीठा नहीं होगा, बल्कि दुर्गंध ही देगा। उसकी दुर्गंध जाने वाली नहीं है।

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गुण और विनय : जीवन में सच्ची महानता की पहचान

म.सा. ने कहा कि हमारे प्रतिक्रमण में सामने अवगुणी भी आता है तो ज्ञान देना पड़ता है और गुणी को भी ज्ञान देना पड़ता है। गौतम स्वामी बहुत गुणी थे। निराश थे कि उनका प्रभु के प्रति राग था जिस पर भगवान महावीर ने कहा कि मेरे प्रति राग को छोड़कर बाकी कोई अवगुण नहीं है। एक मोह रूपी दीवार है जो कैवल्य ज्ञान के बीच आई है। इस पर गौतम स्वामी ने कहा मुझे कैवल्य ज्ञान की नहीं, आपकी जरूरत है।

आप जैसे उपकारी गुरु मिले हैं जो सारी शंका का समाधान करते हैं। तीर्थंकर मिले हैं जो स्वयं तिरे हैं। आप मुझे भी जरूर तारोगे। म.सा. ने कहा कि थोड़ा ज्ञान आते ही या शिष्य को गुरु से ज्यादा पता है तो अहंकारी बन जाते हैं। विवेक के कारण व्यक्ति महान गुणवान बनता है और नमन करता है। जो व्यक्ति नमन करता है विनय करता है वही दुनिया का सबसे प्रिय होता है। आज व्यक्ति दुखी ज्ञान से नहीं विज्ञान से है। आज ज्ञान नहीं विज्ञान को ज्यादा महत्व दे रहे हैं।

मंच का संचालन करते हुए मंत्री अनिल तातेड़ ने बताया कि नवकार महामंत्र प्रतिदिन गतिमान है। कल चर्चा चक्रवर्ती पूज्य आचार्य जयमल जी महाराज की 318वीं जन्म जयंती के तीन दिवस कार्यक्रम के पहले दिन को एकासना दिवस के रूप में मनाया गया था जिसके लाभार्थी सोहनराज राजेश ऋषभ विहान रूणवाल रहे। उनका सम्मान श्री संघ की ओर से किया गया था। एकासन में संजय कटारिया, अनिल तातेड़, विकास कटारिया, संदीप पोरवाल, श्री आनंद जैन युवा मंडल एवं वर्धमान महिला मंडल के सदस्यों का सहयोग रहा था।

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