तेलंगाना पुलिस के अराइव अलाइव कार्यक्रम का उद्घाटन किया मुख्यमंत्री ने
हैदराबाद, मुख्यमंत्री एन. रेवंत रेड्डी ने कहा कि सड़क हादसों पर अंकुश लगाने के अलावा सड़क सुरक्षा के नियमों के पालन को अनिवार्य बनाने के लिए सख्ती आवश्यक है। जब तक सख्त रवैया अपनाया नहीं जाता, समस्या से निजात मिलना मुश्किल है। उन्होंने समस्या से निजात पाने और सड़क सुरक्षा के नियमों का पालन न करने वालों को सबक सिखाने के लिए आवश्यक सुझाव दिये। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा के नियमों का पालन न करने वालों को तत्काल सबक सिखाने व जागरूक करने के लिए काटे गए चालान की रकम को तत्काल नियम तोड़ने वाले विशेषकर नशे में वाहन चलाने वाले वाहन चालकों के बैंक खाते से स्वत डेबिट करने की व्यवस्था को अमल में लाने का सुझाव दिया।






मुख्यमंत्री ने कहा कि वाहन के पंजीकरण के समय ही वाहन के मालिक के बैंक खाते का विवरण प्राप्त कर उसे यातायात पुलिस के साथ जोड़ा जाए, जिससे चालान काटते ही उल्लंघनकर्ता के बैंक खाते से चालान की रकम डेबिट हो जाए। उन्होंने कहा कि यातायात पुलिस तेजी से चालान तो काट रही है, लेकिन एक या दो वर्ष के अंतराल पर उल्लंघनकर्ताओं को चालान की रकम भरने के लिए छूट दे रही है, इस कारण भी उल्लंघनकर्ता चालान की रकम भरने के बजाए छूट का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने यातायात नियम उल्लंघन संबंधी चालानों पर किसी भी प्रकार की छूट न देने का सुझाव दिया।
रेवंत रेड्डी ने आज हैदराबाद के यूसुफगुड़ा स्थित कोटला विजय भास्कर रेड्डी इंडोर स्टेडियम में तेलंगाना पुलिस के अराइव अलाइव कार्यक्रम का उद्घाटन करने के बाद कहा कि वह तेलंगाना पुलिस विभाग को सड़क हादसों को रोकने के मकसद से अराइव अलाइव कार्यक्रम प्रारम्भ करने के लिए बधाई देते हैं।
मुख्यमंत्री ने सड़क हादसों को गंभीर सामाजिक समस्या बताया
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट करते हुए कहा कि राज्य सरकार सड़क हादसों को बहुत गंभीर सामाजिक समस्या मानते हुए इन्हें रोकने को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने पुलिस विभाग को सड़क सुरक्षा के लिए एक बड़ी योजना के साथ काम करने के लिए बधाई दी। मुख्यमंत्री ने चिंता जताई कि देश में हर मिनट एक सड़क हादसा होता है और युद्ध में सैनिकों से ज़्यादा लोग सड़कों पर अपनी जान गंवा रहे हैं। उन्होंने मशहूर हस्तियों के सड़क हादसों में बच्चों को खोकर शोक में डूब जाने को याद किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी स्तर से ही यातायात नियमों के बारे में जागरूकता पैदा करने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जैसे-जैसे समाज में अपराध का स्वरूप बदल रहा है, पुलिस व्यवस्था को उसी स्तर पर आधुनिक बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध को नियंत्रित करने के लिए एक खास सिस्टम बनाया गया है।
तेलंगाना पुलिस ने मारिजुआना (गांजा) और ड्रग्स को नियंत्रित करने में दुनिया भर में पहचान बनाई है, क्योंकि राज्य सरकार ने ड्रग्स की महामारी को जल्दी पहचान लिया और ईगल फोर्स का गठन किया। उन्होंने कहा कि तालाबों, पोखरों और नदियों को बचाने के लिए हैद्रा को अमल में लाया गया है। उन्होंने कहा कि यातायात व्यवस्था अभी अस्त-व्यस्त है, इसे तकनीकी विशेषज्ञता से मजबूत किया जाए। उन्होंने कहा कि यातायात नियम तोड़ना अब साइबर अपराध, ड्रग्स और हत्याओं से भी बड़ी समस्या बन गया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यातायात नियंत्रण को सबसे बड़ी प्राथमिकता दी जाएगी।
परिवहन मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने कहा कि वर्तमान समय में संचालित सड़क सुरक्षा सप्ताह कार्यक्रम के तहत कई तरह के काम किए जा रहे हैं, राहवीर योजना को जारी रखा जा रहा है और सड़क हादसा होने पर गोल्डन आवर में पीड़ितों को सबसे पास के अस्पताल में भर्ती किया जाना चाहिए।
अराइव अलाइव अभियान से सड़क हादसों में जान बचाने पर जोर
गाड़ी चलाने वालों को यातायात नियमों का पालन कर स्वयं को सुरक्षित रखते हुए दूसरों को भी सुरक्षित रखना चाहिए। पुलिस महानिदेशक बी. शिवधर रेड्डी ने कहा कि अराइव अलाइव सिर्फ एक जागरूकता कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक अभियान है, जिसे सभी लोगों को मिलकर आगे बढ़ाना चाहिए। उन्होंने कहा कि तेलंगाना में करीब 30 हजार किलोमीटर तक रोड नेटवर्क फैला हुआ है। हर साल करीब 27 हजार सड़क हादसे होते हैं, जिनमें लगभग 7,500 लोग जान गंवा देते हैं। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष जहाँ 800 लोगों की हत्या हुई, वहीं इसी दौरान सड़क हादसों में 7,500 लोगों की मौत हुई, जिसका मतलब है कि हत्याओं से 9-10 गुना ज्यादा लोग सड़कों पर अपनी जान गंवा रहे हैं।
पुलिस महानिदेशक ने कहा कि पूरे राज्य में 935 एक्सीडेंट-प्रोन ब्लैक स्पॉट की पहचान की गई। पुलिस महानिदेशक ने बताया कि वर्ष 2025 में सड़क हादसों की संख्या बढ़ने के बावजूद हादसों में मरने वालों की संख्या में कमी का मुख्य कारण गोल्डन आवर के दौरान घायलों को अस्पताल पहुँचाने की ट्रेनिंग है। उन्होंने कहा कि सड़क किनारे दुकानों, होटलों और रेस्टोरेंट के स्टाफ को फर्स्ट एड ट्रेनिंग देने और दुर्घटना के तुरंत बाद बेसिक इलाज देने की कोशिश रंग ला रही है। उन्होंने कहा कि यह चिंता की बात है कि सड़क हादसों में मरने वालों में 75 से 80 प्रतिशत दोपहिया वाहन चालक और पैदल चलने वाले होते हैं।
पुलिस महानिदेशक ने कहा कि यह भी चिंता का विषय सड़क हादसों में मरने वालों की आयु 20-40 साल की है। छोटी उम्र के लोग अपनी जान गंवाते हैं, जो देश के विकास के लिए एक नुकसान है। पुलिस महानिदेशक ने स्पष्ट करते हुए कहा कि हेलमेट पहनना ज़रूरी है, यह पीछे बैठने वालों पर भी लागू होता है।
गांव से जिला स्तर तक यातायात सुरक्षा कमेटियाँ बनाई जाएँगी
कारों में आगे और पीछे की सीटों पर बैठे सभी लोगों को सीट बेल्ट पहनना चाहिए। पुलिस महानिदेशक ने चेतावनी दी कि गाड़ी चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल न करें। शराब पीकर गाड़ी चलाना जानलेवा है। उन्होंने कहा कि दुर्घटना के मुख्य कारण गलत साइड ड्राइविंग, सिग्नल जंपिंग, स्टॉप लाइन पार करना, हाईवे पर ऑटो चलाना, ओवरलोडिंग, हाई बीम लाइट, बाईं ओर से ओवरटेक करना जैसे नियम तोड़ना है। उन्होंने कहा कि गांव से लेकर जिला स्तर तक यातायात सुरक्षा कमेटियाँ बनाई जाएँगी और सरपंच, वार्ड मेंबर, टीचर, आंगनवाड़ी वर्कर, युवा, ऑटो चालक, ट्रैक्टर मालिक समेत सभी को इसमें हिस्सा लेने का मौका मिलेगा।
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पुलिस महानिदेशक ने बताया कि यह कैंपेन 13 से 24 जनवरी तक दस कार्य दिवस तक चलेगा। हर दिन एक खास टॉपिक चर्चा व जागरूकता के लिए तय किया जाएगा। उन्होंने कहा कि गांव स्तर पर बैठक, शैक्षणिक संस्थानों में जागरूकता कार्यक्रम, ऑटो-बस-कैब चालकों के लिए ट्रेनिंग, पतंग फेस्टिवल, रंगोली कॉम्पिटिशन, ब्लैक स्पॉट पर खास कैंपेन और नशे में गाड़ी चलाने वालों की चेकिंग की जाएगी।
पुलिस महानिदेशक ने कहा कि इसका मकसद तेलंगाना को देश के लिए एक आदर्श सड़क सुरक्षा राज्य बनाना है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि हर तेलंगाना परिवार का अभियान है। कार्यक्रम में राज्यसभा सदस्य अनिल कुमार यादव, विधायक नवीन यादव, एम.एस. राज ठाकुर, गृह विभाग के विशेष मुख्य सचिव सी.वी. आनंद, हैदराबाद पुलिस आयुक्त वी.सी. सज्जनार व अन्य उपस्थित थे।
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