अदालत ने अवैध निर्माण के खिलाफ नाम मात्र की कार्रवाई पर जताई आपत्ति
हैदराबाद, तेलंगाना उच्च न्यायालय ने टिप्पणी की कि अवैध निर्माणों पर जीएचएमसी की कार्रवाई नाम मात्र की है। यह गलत पाया गया कि इस संबंध में ढेरों शिकायतें मिलने के बावजूद जीएचएमसी ने केवल सीमित कार्रवाई की है।
यह भी गलत पाया गया कि वह अवैध निर्माणकर्ताओं को कारण बताओ नोटिस जारी कर शिकायतों पर चुप्पी साधे हुए हैं। यह कहा गया कि आदेश केवल कुछ मामलों में ही जारी किए जा रहे हैं। यह सुझाव दिया गया कि अवैध निर्माण से संबंधित शिकायतों को वेबसाइट पर शामिल किया जाना चाहिए। ऐसा करने से जनता अवैध निर्माणों के बारे में जागरूक होगी।
उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जारी आदेशों को लागू करने के लिए जीएचएमसी आयुक्त और पुलिस की मदद ली जा सकती है। उच्च न्यायालय के न्यायाधीश जस्टिस एन.वी. श्रवण कुमार ने हाल ही में मुकुंद सोनी और दो अन्य द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई की, जिसमें हैदराबाद के कोठी क्षेत्र में किए गए अवैध निर्माणों के खिलाफ ज्ञान शेखर नामक व्यक्ति द्वारा दायर शिकायतों पर कार्रवाई न होने को चुनौती दी गई थी।
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अवसर पर जीएचएमसी ने टिप्पणी करते हुए बताया कि अधिकारियों ने अवैध निर्माण वाले क्षेत्र का दौरा किया और वहाँ खामी पाई गई, लेकिन याचिकाकर्ताओं को गत 26 मार्च को यह सूचित करने के अलावा कोई कार्रवाई नहीं की गई। लेकिन अवैध निर्माणों को सील कर दिया गया। इस दलील के बाद मामले की सुनवाई 27 अप्रैल तक के लिए स्थगित कर दी गई।
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