वाह, तेलंगाना! (तेलंगाना स्थापना दिवस 2 जून पर)

तेलंगाना नवोदित राज्य है। कहें तो कमसिन देश के नक्शे में उभरे उसे फकत एक दहाई बीती है। अपने वजूद के लिये उसे लंबी जद्दो-जहद से गुजरना पड़ा हैं। लगभग आठ दहाइयां बीत गयी जब यह अंचल उथल-पुथल के जबर्दस्त दौर से गुजरा था। यहां के किसानों ने जमींदारी प्रथा के खिलाफ संघर्ष का शंखनाद किया था-यह यहां वाम के अभ्युदय का काल था।

इन्हीं वर्षों में यहां की अवाम ने रजाकारों का धार्मिक और दमन भी देखा – देश आजाद हुआ तो निजाम का हठ भी देखने को मिला। इसके गणराज्य में विलय के लिए भारत सरकार को ऑपरेशन पोलो छेड़ना पड़ा। भाषावार प्रांत बने तो आंध्र अस्तित्व में आया, लेकिन पृथक तेलंगाना की आकांक्षा पूरी नहीं हुई। अलबत्ता इस बीच तेलंगाना ने पीवी नरसिंह राव के रूप में देश को प्रधानमंत्री दिया। अधीर जनों को लंबा धैर्य रखना पड़ा। अंतत: सन 2014 में मानचित्र में नयी लकीरें उभरी। तेलंगाना देश में नये सूबे की शक्ल में उभरा।

तेलंगाना नया है, लेकिन तेलंगाना का इतिहास पुराना है। गोलकोंडा की खदानों ने तेलंगाना को चमकीली सुर्खियां बख्शी हैं। प्रकृति ने इसे संसाधनों से नवाजा है। यहाँ धार्मिक और औद्योगिक तीर्थों का संकुल है। यहां विश्व-विरासते हैं। नदियां हैं, कोट है, उर्वरा क्षेत्र हैं; जलाशय है, कल-कारखाने हैं। आबदार मोतियों की हाट है, व्यंजनों की महक और आस्वाद है, बोली का अलग लुत्फ है और सबसे बढ़कर गजब की गहमागहमी है।

तेलंगाना: विरासत, नवाचार और आधुनिकता का संगम

हैदराबाद और सिकंदराबाद के जुड़वां वजूद में साइबराबाद जुड़ गया है और सूबे का सियासी मरकज हैदराबाद चिकित्सा- हब के तौर पर उभर आया है, जहां किफायती इलाज के चलते दूर-दूर से लोग उपचार के लिये आते हैं: करीब ढाई दशक पहले की साइबर क्रांति ने इसे तभी अमेरिका के शीर्ष नेताओं और उद्योगपतियों का प्रिय गंतव्य बना दिया था। बिला शक अनूठा है तेलंगाना। अलग मिजाज, अलग सोच। अलग अंदाज। सियासत में औरों से जुदा विपथगामी याकि नवाचारी।

चारमीनार हैदराबाद की पहचान और स्थापत्य कला का अद्भुत उदाहरण है।

आजादी के बाद के दशक को याद करें। बापू के आध्यात्मिक – उत्तराधिकारी संत विनोबा भावे यहां आये थे। तेलंगाना ने उन्हें भूदान का प्रणेता बना दिया। भूदान यज्ञ का श्रेय तेलंगाना को जाता है। उसका सूत्रपात वहीं से हुआ, जब सन 1951 में पोचमपल्ली में वेदिरे रामचंद्र रेड्डी ने भूमिहीनों के लिये अपनी भूमि दान कर नूतन परंपरा का सूत्रपात किया। कालांतर में इस यज्ञ ने राष्ट्रव्यापी शक्ल अख्तियार कर ली और परिवर्तन का हेतु बना। रामचंद्र रेड्डी का स्वेच्छा से 80 एकड़ भूमि का दान करना यकीनन मायने रखता था और इसने कृषि को नयी दिशा दी।

अंतत: दो जून, सन 2014 को तेलंगाना के उदय ने प्राचीन इतिहास और नये भूगोल की उक्ति को चरितार्थ किया। यह लंबे अर्से से चली आ रही जन-आकांक्षाओं के सर्वथा अनुरुप था। तेलंगाना के पास एक राज्य के लिये जरूरी सारी अर्हतायें थी: उसके पास समृद्ध विरासत थी और उज्ज्वल संभावनायें, चार मीनार, गोलकोंडा का किला, चौमुहल्ला पैलेस आदि के कारण वह सैलानियों के आकर्षण का केंद्र था। सालार जंग म्यूजियम का अपना अलग वैशिष्ट्य था।

यह भी पढ़ें… स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सुविधाओं के विकास में तेलंगाना अग्रणी

तेलंगाना: भूदान यज्ञ से समृद्धि तक का सफर

भारत के दस धनाढ्य शहरों की बात करें तो उनमें मुंबई, नयी दिल्ली, कोलकाता, बंगलूर और चेन्नई, के बाद हैदराबाद का स्थान है। अतीत की बात हैदराबाद के निजाम कभी विश्व के अमीर रजवाड़ों में शीर्ष पायदान पर हुआ करते थे। लाल बहादुर शास्त्रा के प्रधानमंत्रित्व काल में उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा निधि में अतुल्य दान कर नजीर कायम की थी। प्रसंगवश अमीर शहरों की ही बात करें तो तालिका में पुणे, अहमदाबाद, सूरत, विशाखापट्टनम, जयपुर और लखनऊ का स्थान हैदराबाद के बाद है, अरब-पतियों के मान से फेहरिस्त में 18 अरबपतियों के होते हैदराबाद फेहरिस्त में मुंबई और दिल्ली के बाद तीसरी पायदान पर है।

हैदराबाद के बिड़ला मंदिर से शहर का खूबसूरत दृश्य दिखाई देता है और यहां पर्यटक आस्था के साथ-साथ शांति का अनुभव भी करते हैं।

फार्मास्यूटिकल्स से लेकर रियल एस्टेट तक का कारोबार यहाँ के संपन्न आर्थिक परिदृश्य को आकार देता है। राज्य का अंकापुर गांव एक छोटा लेकिन प्रगतिशील, आत्मनिर्भर व संपन्न गाँव है और प्रतिदर्श बनकर उभरा है। दिलचस्प तौर पर हैदराबाद का जुबिली हिल्स राज्य का सबसे अमीर रिहायशी इलाका माना जाता है, जहां संपत्ति की कीमतें आकाश छूती है।
तेलंगाना सांस्कृतिक बहुलता का पीठ है।

काकतीय कुतुबशाही और आसफजाही वंशों ने इसे आकर्षक और बहुरंगी छटा प्रदान की। यहां दीवाली- दशहरा मनाया जाता है तो ईद- रमजान भी और उगादी-बोनालु और बतुकम्मा भी। तीन चौथाई आबादी तेलुगुभाषी है, तो 12 फीसद उर्दू बोलते हैं। भाषायी फ्यूजन यहां की बोली को अलग बांकपन देता है। मुहम्मद कुली कुतुबशाह उर्दू के पहले साहिब-ए-दीवान थे, मक्का मस्जिद यहां की पुरानी मस्जिद है, जिसमें मक्का की माटी से बनी ईंटें चिनी है। मेदक का चर्च सूबे का सबसे बड़ा गिरजाघर है। राज्य में प्राचीन और मध्ययुगीन मंदिरों की श्रृंखला है, जिसमें बिड़ला मंदिर आधुनिक योग है।

तेलंगाना की सांस्कृतिक विविधता और समृद्ध विरासत

कला और साहित्य में तेलंगाना का खासा दखल है। आदिलाबाद की निर्मल चित्रशैली प्रसिद्ध है, बोनालु राज्योत्सव है। राज्य का वास्तु वैभव देखते ही बनता है। चौमुहल्ला प्रासाद, फलकनुमा पैलेस और उस्मानिया विश्वविद्यालय, कुतुबशाही कब्रिस्तान की इमारतें सचमुच लासानी है। बीसवीं शती की शुरूआत में ब्रिटिश वास्तुविद विसेंट एश्क ने काचिगुडा रेलवे स्टेशन, हाई कोर्ट, सिटी कॉलेज और उस्मानिया अस्पताल डिजाइन किया था। इंडो सार्सेनिक शैली की ये इमारतें दर्शनीय हैं।

चौमुहल्ला पैलेस की भव्यता और ऐतिहासिक विरासत पर्यटकों को आकर्षित करती है।

परिधानों की बात करें तो यहाँ की पोचमपल्ली साड़ी की बात निराली है, इसे बौद्धिक संपदा अधिकार संरक्षण प्राप्त है। यहाँ की शेरवानी जो आम शेरवानियें से कुछ अधिक लंबी होती है, रईसों की पसंद रही है। तेलुगु और हैदराबादी व्यंजनों को समेटे यहां के दस्तरख्वान की तो बात ही क्या! यहाँ के सामिष व्यंजन खूब पसंद किये जाते हैं। यहाँ की दस्तरख्वान वस्तुत: अलग किताब का विषय है, फिल्मी दुनिया में टॉलीवुड की अलग प्रतिष्ठा है।

डॉ. सुधीर सक्सेना
डॉ. सुधीर सक्सेना

रामोजी फिल्मसिटी का नाम गिनीज बुक में दर्ज है। ऐसे ही प्रसाद आईमेक्स विशालतम आईमैक्स है और टॉलीवुड सिने – संसार देश में दूसरी पायदान पर है, समृद्धि और गंगा जमुनी तहजीब तेलंगाना को अलग पहचान और प्रतिष्ठा देती है, जिसके चलते तेलंगाना का पा होने पर बरबस वाह, तेलंगाना कहा जा सकता है। तेलंगना की खुशहाली की बात करें तो यही के आला दर्जे के शायर मख्दूम की पंक्तियां याद आती हैं:

फूल खिलते रहेंगे दुनिया में।
रोज निकलेगी बात फूलों की।

अब आपके लिए डेली हिंदी मिलाप द्वारा हर दिन ताज़ा समाचार और सूचनाओं की जानकारी के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल की सेवाएं प्रस्तुत हैं। हमें फॉलो करने के लिए लिए Facebook , Instagram और Twitter पर क्लिक करें।

Related Articles

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Back to top button