छत्रपति से प्रेरणा लेकर काम कर रही है सरकार : श्रीधर बाबू
हैदराबाद, सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री डी. श्रीधर बाबू ने तेलंगाना आंदोलन में मराठा समाज की भूमिका का उल्लेख कर मराठा समाज की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। मंत्री ने कहा कि मराठा समाज तेलंगाना की आर्थिक व्यवस्था में संपूर्ण योगदान दे रहा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि मराठी भाषियों की जो भी समस्याएँ होंगी, मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी सरकार दूर करने कटिबद्ध है।











श्री छत्रपति शिवाजी मराठा सांस्कृतिक ट्रस्ट के तत्वावधान में एम.बी. कन्वेंशन (मराठा भवन) का रंगारेड्डी जिला, जलपल्ली में प्रदेश कांग्रेस प्रभारी मीनाक्षी नटराजन, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष महेश कुमार गौड़, मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी सरकार के सलाहकार व राज्यसभा सदस्य वेम नरेंदर रेड्डी, तेलंगाना कांग्रेस प्रभारी सचिन सावंत ने आज उद्घाटन किया।
अवसर पर मंत्री श्रीधर बाबू ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज ने जाति, धर्म, प्रांत का भेद न रखते हुए जिस प्रकार हर वर्ग को समान समझकर साथ लिया था, उन्हीं से प्रेरणा लेकर सांसद राहुल गांधी एवं मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की कांग्रेस सरकार कार्य कर रही है। उन्होंने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि हैदराबाद के विकास में महाराष्ट्र से वर्षों पहले आए मराठा बंधुओं का योगदान रहा है। ऐसे में मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी का फर्ज है कि मराठी बंधुओं की समस्याओं को हल करें।
कांग्रेस सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का किया उल्लेख
श्रीधर बाबू ने कहा कि कांग्रेस सरकार की कल्याणकारी योजनाएँ, जिनमें हर योग्य को इंदिरम्मा आवास निर्माण करके दिए जाने, गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले (बीपीएल) को राशन कार्ड, कार्ड पर बारीक चावल उपलब्ध कराए जाने के अलावा महिलाओं को आरटीसी बसों में निशुल्क यात्रा सुविधा दिए जाने का उल्लेख किया और कहा कि सरकार को जो कोई योजना हो, उसमें मराठा बंधुओं को अवश्य ही भागीदार बनाया जाएगा।
श्रीधर बाबू ने याद करते हुए कहा कि तेलंगाना में सबसे अधिक डॉक्टर्स, इंजीनियर्स, आईटी प्रोफेश्नल्स जो महाराष्ट्र के मुंबई, पुणे, नासिक आदि से आकर बस चुके हैं, वे तेलंगाना की आर्थिक व्यवस्था में बड़ा योगदान है और ऐसे समाज की समस्याओं को दूर करना कांग्रेस सरकार अपना फर्ज समझती है। उन्होंने कहा कि हैदराबाद ही नहीं आदिलाबाद, निजामाबाद तथा तेलंगाना के सीमांत के कई क्षेत्रों में मराठा बंधु हैं जो तेलंगाना के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रहे हैं।
अखिल भारतीय कांग्रेस सचिव व तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस प्रभारी मीनाक्षी नटराजन ने भी मराठा बंधुओं, मराठी भाषियों विशेषकर छत्रपति शिवाजी महाराज और महाराष्ट्र के संतों से उनके खास जुड़ाव का उल्लेख किया और कहा कि मध्य प्रदेश वासी होने के बावजूद वे 4 साल तक महाराष्ट्र में शिक्षा ग्रहण कर चुकी हैं। 2 वर्ष औरंगाबाद व 2 वर्ष बुलढाणा के कॉलेज में पढ़ाई की है। उन्होंने कहा कि छत्रपति महाराज से उनका आत्मीय संबंध है विशेषकर जीजाबाई तो उनकी प्रेरणास्रोत हैं जिन्होंने छत्रपति जैसे वीर को तैयार किया जिनकी शिक्षा के चलते शिवाजी महाराज ने सर्वधर्म समभाव का आदर्श स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि छत्रपति एक ऐसे व्यक्तित्व थे जिन्होंने कभी किसी के प्रति नफरत नहीं रखी।
छत्रपति शिवाजी के मानवीय दृष्टिकोण का किया उल्लेख
श्रीधर बाबू ने कहा कि युद्ध के दौरान छत्रपति के समक्ष एक मुस्लिम महिला को सैनिकों ने जब पेश किया तो छत्रपति ने उस मुस्लिम महिला में मां का स्वरूप देखा। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के कई संतों के अभंग सीखे हैं, ज्ञानेश्वरी, विनोबा जी के गीताई, लोकमान्य की गीता आधि पढी है। संत तुकाराम जैसे संतों के उपदेश उनके लिए सीख हैं और समाज को भी उनकी सीख को आत्मसात करना चाहिए।
श्रीधर बाबू ने कहा कि छत्रपति का जब राजतिलक किया जा रहा था तब कुछ विशेष वर्ग ने विरोध किया। उन्होंने कहा कि छत्रपति ने तभी से समाज के अंतिम छोर में रहने वाले वर्ग को संगठित करके लड़ाई लड़ी थी विशेषकर सामुद्रिक ताकत पहचान कर समुद्र से आने वाले शत्रु से लोहा लिया था। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र की धरती पुण्य भूमि है और उस पुण्य भूमि से तेलंगाना आकर जो मराठी बंधु सेवा कार्य कर रहे हैं, वह प्रशंसनीय है। उन्होंने कहा कि अगली बार जब वे आएंगी, तो मराठी में संबोधित करेंगी।
मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के सलाहकार व राज्यसभा सदस्य वेम नरेंदर रेड्डी ने भी हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज की परंपरा निभा रहे मराठी बंधु कोई और नहीं बल्कि तेलंगाना के नागरिक, बल्कि तेलंगाना बिड्डा (तेलंगाना पुत्र) हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष रहीं सांसद सोनिया गांधी ने तेलंगाना का जब गठन किया उसके बाद से जिस प्रकार मराठाओं ने राज्य के विकास में सहयोग दिया है वह प्रशंसनीय है।
समारोह में आमंत्रण और सहभागिता पर जताया आभार
वेम नरेंदर रेड्डी ने कहा कि हैदराबाद में इतना बड़ा भवन एम.बी. कन्वेंशन का निर्माण किया गया और सेवा कार्य किए जा रहे हैं, वह प्रशंसनीय हैं। उन्होंने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि समारोह में हिस्सा लेने का अवसर प्रदान किया गया जिसके लिए वे सभी का अभिनंदन करते हैं। उन्होंने भी आश्वासन दिया कि तेलंगाना सरकार की हर कल्याणकारी व विकास योजनाओं में मराठा बंधुओं को भी लाभ दिया जाएगा।
एआईसीसी सचिव व प्रदेश कांग्रेस प्रभारी सचिन सावंत ने आश्चर्य जताया कि तेलंगाना में इतनी बड़ी संख्या में मराठा बंधु रहते हैं और सेवा कार्य भी कर रहे हैं, यह कार्यक्रम देखकर वे महाराष्ट्र की सुगंधित भूमि सुगंध तेलंगाना में महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मराठा बंधु स्वयं को अल्पसंख्यक समझकर निराश न हों, पूरी कांग्रेस साथ खड़ी है और मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी सरकार व कांग्रेस का हाथ सदैव मराठियों के साथ है।
सचिन सावंत ने छत्रपति शिवाजी महाराज के सर्वधर्म समभाव का उल्लेख किया और कहा कि कभी भी छत्रपति ने जात- पात का भेद नहीं किया, उनकी सेना में हर वर्ग को स्थान था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का भी लक्ष्य है कि हर वर्ग को न्याय मिले वसुधैव कुटुम्बकम भावना है। उन्होंने कहा कि नफरत हिन्दू की विचारधारा में ही नहीं है मन में सभी के लिए करुणा दिल में है। उन्होंने अगली बार शाहू महाराज के वंशज को हैदराबाद लाने का वादा भी किया।
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तेलंगाना आंदोलन में चंद्रकांत ठाकरे की वीरता का उल्लेख
ट्रस्ट के सचिव मदन जाधव ने छत्रपति शिवाजी मराठा सांस्कृतिक ट्रस्ट के किए जा रहे सेवा कार्यों का ब्यौरा दिया और बताया कि तेलंगाना आंदोलन के समय चंद्रकांत ठाकरे ने किस वीरता के साथ चारमीनार पर तेलंगाना का ध्वज फहराया था, जिसके कारण उनकी जान पर बन आई थी। उन्होंने कहा कि वर्ष 1969 में मराठा मंडल की स्थापना की गई और तभी से समर्पित भाव से कार्यकर्ता सेवा देते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार से कभी कोई आशा नहीं कीं, परंतु कुछ समस्याएं हैं जिन्हें सुलझाने के लिए तेलंगाना सरकार से आशा है।
ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष प्रकाश पाटिल ने अतिथियों को मूल्यवान समय देकर उपस्थित होने के लिए धन्यवाद दिया। अतिथियों का श्रीफल देकर व शॉल से सम्मान करने वालों में भगिनी मंडल ग्रेटर हैदराबाद अध्यक्ष रजनी मोहिते, भगिनी मंडल की अध्यक्ष अरुणा शिंदे, विद्या शिंदे, चंद्रकला गायकवाड़, संतोषी शिंदे, वर्षा पाटिल आदि रहे।
कार्यक्रम में सांस्कृतिक ट्रस्ट के सचिव दिलीप जगताप, श्री छत्रपति शिवाजी मराठा नवयुवक मंडल अध्यक्ष गजानन्द देशमुख, उपाध्यक्ष शांत कुमार हुपले, सचिव विनोद शिंदे, कोषाध्यक्ष पवन शिंदे, शिवाजी जगताप, राजू चव्हान, ललित जोशी, अंबादास पवार, माधव मोरे, भास्कर कोकाटे, मारुति राव गायकवाड, दत्ता भालके, जगदीश माने तथा भवन व्यवस्थापक नवीन ताण्डेकर आदि उपस्थित थे। कार्यक्रम में तेलंगाना मराठा मंडल, श्री छत्रपति शिवाजी मराठा नवयुवक मंडल, तेलंगाना वारकरी भजन मंडलियां व तेलंगाना मराठा गोल्ड एंड सिल्वर रिफाईनरीज आदि का सहयोग रहा।
बड़ी संख्या में समाजसेवी व ट्रस्टी रहे कार्यक्रम में उपस्थित
अवसर पर ट्रस्टियों का सम्मान किया गया जिनमें राजेंद्र बिरादार, श्रीनिवास गारगे, नामदेव राव जाधव, नवीन भोंसले, दगडू यादव, मारुति राव जगताप, अमृत हांण्डे, दिलीप जाधव, दयानंद गोवे, जगदीश माने, बडप्पा भींगे, किशोर काशीवाले, उमाकांत पोल, डॉ. मदनमोहन माने, विट्ठल राव पाटिल, लक्ष्मण राव जाधव, भास्कर शिंदे, सुरेश सूर्यवंशी, संजय सालुंके, मारुतिराव गायकवाड, प्रकाश भोसले, विनोद कुमार शिंदे, राहुल शिंदे, गुरु सिद्दन्ना, माणिक राव भोसले, आनंद पाटिल, गोरख पाटिल, विजय लोखण्डे, राजेंद्र कुमार शिंदे, सोपान राव बिरादार, बालाजी बिरादार उपस्थित थे।
अवसर पर सुनील बिरादार (यूएसए) दत्ता भालके, महेश घोरगे (दानदाता), विलास राव जाधव, भास्कर कोकाटे, सुधाकर बिरादार, साई कुमार चिंचुले, भगवान हम्बलपुरे, राम पाटिल, सतीश भगत पाटिल, संतोष बिरादार, अंबादास पवार, अशोक पांढरे, लक्ष्मीकांत डोंगरे, विश्वनाथ वाडीकर, माधव मेलुरे, विश्वनाथ राव जगताप, शंकर राव जाधव, बालासाहेब बिरादार, सोपान सूर्यवंशी, संजय एकम्बे, मारुति राव निकम, लक्ष्मण शितोले, गुरु विजय कुमार, ढोडीराम बिरादार, साईकुमार भोसले, दिगंबर राव निर्गुडे, प्रमोद जाधव, राजू चव्हाण, डॉ. पूजा माली नवले, डॉ. नरेश कुमार नवले, सूरज माली व बालाजी शिलवाने आदि रहे।
कार्यक्रम के प्रायोजकों में विनोद पवार, अक्ष्य अर्जुन, भाउ कोडक, धनाजी भोसले, संपत गवडे, सचिन निकम व बंडू सावंत शामिल रहे। सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान लावणी कलाकार राधा पाटिल ग्रुप तथा ढोल ताशा कलाकार अमरीश लहानकर एंड पार्टी ने पेश किया। अवसर पर पूर्व विधायक संपत कुमार, निर्वाचन क्षेत्र प्रभारी के. लक्ष्मारेड्डी आदि उपस्थित थे।
मराठी किराएदार नहीं, पट्टेदार : महेश गौड़
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष महेश गौड़ ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि सैकड़ों वर्ष पहले महाराष्ट्र से आकर तेलंगाना में बसकर यहीं के हो चुके मराठी बंधु तेलंगाना के किराएदार नहीं, बल्कि पट्टेदार हैं। उन्होंने याद करते हुए कहा कि महाराष्ट्र से तेलंगाना के उस्मानिया विश्वविद्यालय (उविवि) में शिक्षा ग्रहण करने वाले कई डॉक्टर, इंजीनियर ही नहीं बल्कि राजनेता भी हैं जो देश को सेवा दे रहे हैं।
महेश गौड़ ने कहा कि श्री छत्रपति शिवाजी मराठा सांस्कृतिक ट्रस्ट व तेलंगाना मराठा मंडल की ओर से जो सेवा कार्य किए जा रहे हैं वह प्रशंसनीय है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी सरकार हर मुसीबत में साथ खडी है। किसी को चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने मंत्री श्रीधर बाबू के पिता दिवंगत श्रीपाद राव का नाम लिया और कहा कि श्रीपाद राव मराठी भाषा बेहतर बोला करते थे। उन्होंने मंत्री श्रीधर बाबू को भी मराठी सीखने का सुझाव दिया।
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