उच्च न्यायालय : सिकंदराबाद युद्ध स्मारक तोड़ने पर रोक

हैदराबाद, उच्च न्यायालय ने याचिकाकर्ता को सिकंदराबाद परेड ग्राउंड स्थित युद्ध स्मारक को सड़क विस्तारीकरण कार्य के अंतर्गत ध्वस्त किए जाने पर रोक लगाने हेतु याचिका दायर करने का आदेश दिया। अदालत ने याचिकाकर्ता को विकास कार्यों के अंतर्गत द्वितीय विश्व युद्ध स्मारक को हटाने के संबंध में संबंधित अधिकारियों को विनती पत्र प्रस्तुत करने का भी आदेश दिया।

रजिस्ट्री ने सिकंदराबाद छावनी बोर्ड के पूर्व सदस्य जे. रामकृष्णा द्वारा युद्ध स्मारक को न हटाने का आदेश देने का आग्रह करते हुए दायर जनहित याचिका को नंबर आवंटित करने पर आपत्ति जताई है। उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस अपरेश कुमार सिंह और जस्टिस जी.एम. मोहियुद्दीन की खण्डपीठ ने इस मामले पर बुधवार को सुनवाई की।

सुनवाई के दौरान अधिवक्ता ने दलील देते हुए कहा कि पैराडाइज जंक्शन से हकीमपेट तक प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर निर्माण के अंतर्गत स्मारक को ध्वस्त न करने का आदेश देने की माँग की। उन्होंने संबंधित तस्वीरों की अदालत से जाँच करने का भी अनुरोध किया। उन्होंने विध्वंस रोकने का आग्रह किया, क्योंकि इस स्मारक के दोनों ओर मैदान है। उन्होंने कहा कि यह मामला केवल हैदराबाद का नहीं, बल्कि महाराष्ट्र, आंध्र-प्रदेश और कर्नाटक का भी है। उन्होंने कहा कि स्मारक को हटाने के लिए चिह्नित किया गया है।

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सरकार अधिवक्ता ने जवाब देते हुए कहा कि स्मारक को ध्वस्त नहीं किया जाएगा और इसे किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित करने का प्रस्ताव है। दलील सुनने के बाद खण्डपीठ ने सरकारी अधिवक्ता के इस आश्वासन को ध्यान में रखा कि फिलहाल विध्वंस की कार्रवाई नहीं की जा रही है। खण्डपीठ ने याचिकाकर्ता को संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन पेश करने का आदेश देते हुए सुनवाई चार सप्ताह के लिए स्थगित कर दी।

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