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प्रवचन
रिजु भावना ही व्यक्ति से करवा सकती है पापों की आलोचना : सुमंगलप्रभाजी
हैदराबाद, रिजु भाव ही धर्म का अधिष्ठायक देव है। रिजु भावना ही पापों की आलोचना करवा सकती है। उक्त उद्गार…
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हैदराबाद, चैतन्यपुरी गुरु मंदिर में विराजित साध्वी डॉ. सुमंगलप्रभाजी म.सा. आदि ठाणा-5 से वर्ष 2026 का चातुर्मास बेंगलुरू में करने…
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हैदराबाद, मोक्ष मार्ग को प्राप्त करने के लिए सम्यक ज्ञान, दर्शन, चारित्र और तप को मुख्य अंग बताया गया है।…
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हैदराबाद, जीवन में भोग नहीं, योग बड़ा है। त्याग से कल्याण हो सकता है, भोग से नहीं। उक्त उद्गार सिकंदराबाद…
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हैदराबाद, स्वाध्याय रूपी मंत्र को सच्ची श्रद्धा, आस्था से जीवन में अंगीकार कर लेने से कर्मों का क्षय होता है।…
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हैदराबाद, प्रतिक्रमण एक प्रकार की औषधि है, जो जीव को निरोगी बनाती है। उक्त उद्गार सिकंदराबाद स्थित मारुति विधि जैन…
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हैदराबाद, रिजु भाव ही धर्म का अधिष्ठायक देव है। रिजु भावना ही पापों की आलोचना करवा सकती है। उक्त उद्गार…
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हैदराबाद, बाहर से वस्तु को छोड़ देना त्याग नहीं है। अंतर्मन से पदार्थ की आसक्ति को हटा देना त्याग है।…
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