पलायन रोकने के लिए गांवों में रोजगार जरूरी : गडकरी
नयी दिल्ली, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को कहा कि महानगरों की ओर पलायन को रोकने के लिए ग्रामीण तथा आदिवासी क्षेत्रों में रोजगार के अवसर सृजित करना जरूरी है।
गडकरी ने ‘सेव द अर्थ कॉन्क्लेव’ के दूसरे संस्करण को संबोधित करते हुए कहा कि गांवों में किसानों और मजदूरों की आर्थिक स्थिति गंभीर बनी हुई है। उन्होंने कहा, ‘‘ रोजगार के अवसरों की कमी के कारण गांवों के युवा, किसान और मजदूर दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु और पुणे जैसे शहरों की ओर पलायन कर रहे हैं। हमें गांवों और आदिवासी क्षेत्रों में रोजगार के अवसर उत्पन्न करने चाहिए।’’
10,000 किसान आत्महत्याओं का भी उल्लेख किया
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री ने कहा कि युवा और किसान मजबूरी में गांव छोड़ रहे हैं। उन्होंने महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में 10,000 किसान आत्महत्याओं का भी उल्लेख किया। गडकरी ने कृषि क्षेत्र में बदलाव की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि किसानों को अन्नदाता से आगे बढ़कर ऊर्जादाता बनना चाहिए।
मंत्री ने वैकल्पिक ईंधन और जैव ईंधन के उत्पादन को बढ़ाने की भी वकालत की। मंत्री ने कहा, ‘‘ हम 22 लाख करोड़ रुपये के जीवाश्म ईंधन का आयात करते हैं जिससे प्रदूषण भी होता है। इसलिए हमें वैकल्पिक ईंधन और जैव ईंधन के उत्पादन को बढ़ाने पर काम करना चाहिए।’’
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मंत्री ने कहा कि चीनी की कीमत ब्राजील, तेल की कीमत मलेशिया, मक्का की कीमत अमेरिका और सोयाबीन की कीमत अर्जेंटीना से प्रभावित होती है।‘‘ हमारा न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) बाजार मूल्य से अधिक है।’’ मंत्री ने साथ ही कहा कि बांस की खेती से भारत में रोजगार के पांच करोड़ अवसर सृजित किए जा सकते हैं। (भाषा)
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