जापान केंद्रीय बैंक ने ब्याज दर स्थिर रखी, ऊर्जा संकट चिंता
तोक्या, बैंक ऑफ जापान ने अपनी प्रमुख नीतिगत ब्याज दर को 0.75 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखने का मंगलवार को फैसला किया। यह निर्णय ईरान में जारी युद्ध के कारण तेल और अन्य उत्पादों की कीमतों में संभावित बढ़ोतरी को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच लिया गया है।
जापान के केंद्रीय बैंक का यह फैसला अपेक्षित था, हालांकि उसकी मौद्रिक नीति समिति में यह निर्णय सर्वसम्मति से नहीं हुआ बल्कि छह के मुकाबले तीन मत से पारित हुआ। लंबे समय तक शून्य या उससे नीचे ब्याज दर बनाए रखने के बाद अब धीरे-धीरे दरें बढ़ाने का दबाव बना हुआ है ताकि मुद्रा संकुचन (डिफ्लेशन) से निपटा जा सके। बैंक ऑफ जापान ने कहा कि अर्थव्यवस्था अब भी मध्यम गति से बढ़ रही है लेकिन इसमें सुस्ती आने की आशंका है।
बयान में कहा गया, ‘‘ आर्थिक परिदृश्य को लेकर कई तरह के जोखिम हैं। फिलहाल पश्चिम एशिया की स्थिति के भविष्य के असर पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है।’’होर्मुज जलडमरूमध्य ईरान युद्ध के कारण प्रभावी रूप से बंद हो गया है। इस जलडमरूमध्य से वैश्विक स्तर पर व्यापार होने वाले लगभग 20 प्रतिशत तेल और प्राकृतिक गैस का परिवहन होता है।
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जहाजों की आवाजाही बाधित होने से कच्चे तेल और पेट्रोल की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं जबकि विमान ईंधन, रसोई गैस तथा अन्य ऊर्जा उत्पादों की कमी भी दुनिया के कुछ हिस्सों में दिखने लगी है। जापान अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए पश्चिम एशिया से आयातित तेल पर काफी निर्भर है। इस बीच, फेडरल रिजर्व (अमेरिका) और यूरोप के केंद्रीय बैंक भी इस सप्ताह ब्याज दरों पर बैठक कर रहे हैं। बैंक ऑफ जापान के फैसले के बाद प्रमुख शेयर सूचकांक निक्की 225 में भारी गिरावट दर्ज की गई। (एपी)
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