हिमाचल में मानसून का कहर, मौतों का आंकड़ा 85 तक पहुंचा

शिमला, हिमाचल प्रदेश में जारी मानसूनी तबाही के चलते अब तक मृतकों की संख्या 85 तक पहुंच गई है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण) के अनुसार, इनमें से 54 मौतें भूस्खलन, बादल फटने और अचानक आई बाढ़ जैसी वर्षा से जुड़ी घटनाओं के कारण हुई हैं, जबकि 31 लोगों की जान सड़क दुर्घटनाओं में गई।

राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने पुष्टि की है कि राज्य अब भी लगातार हो रही बारिश के असर से जूझ रहा है। पिछले 24 घंटों में 204 सड़कें अवरुद्ध हुई हैं, जिनमें मंडी से कोटली होते हुए धरमपुर को जोड़ने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग राष्ट्रीय राजमार्ग-003 भी शामिल है। इसके अलावा, 192 विद्युत वितरण ट्रांसफॉर्मर (वितरण ट्रांसफॉर्मर) और 740 जलापूर्ति योजनाएं भी बाधित हुई हैं।

मंडी प्रभावित, मुख्यमंत्री सुक्खू ने सेराज में लिया जायजा

मंडी जिला सबसे ज्यादा प्रभावित रहा है, जहां 138 सड़कें अवरुद्ध हुई हैं, प्रमुख बिजली आपूर्ति में बाधाएं आई हैं और जलापूर्ति प्रणालियों को नुकसान पहुंचा है। कुल्लू जिले में भारी बारिश के कारण 20 सड़कें बंद हुई हैं, जबकि सिरमौर और कांगड़ा में भी बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र) ने बताया कि सभी आपातकालीन सेवाएं सतर्क हैं और सड़क, बिजली व पानी की आपूर्ति को बहाल करने का कार्य जारी है।

राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने जनता से अपील की है कि वे संवेदनशील मार्गों, विशेषकर ऊंचाई वाले और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में यात्रा करने से बचें, क्योंकि आने वाले दिनों में और बारिश की संभावना जताई गई है। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बुधवार को मंडी जिले की सेराज विधानसभा क्षेत्र में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और प्रभावित परिवारों को राज्य सरकार की ओर से हरसंभव मदद का आश्वासन दिया।

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उन्होंने बगस्याड में स्थापित राहत शिविर का निरीक्षण किया और पीड़ितों को दी जा रही सहायता की जानकारी ली। मीडिया से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने बताया कि सेराज विधानसभा क्षेत्र में राहत व बचाव कार्य प्रभावी ढंग से चल रहे हैं। हालांकि उन्होंने कुछ लोगों द्वारा सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही अफवाहों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा, “मैंने स्वयं हेलिकॉप्टर से गालू गांव में राहत सामग्री और राशन पहुंचवाया।” बाद में उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री और लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने भी प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर नुकसान का जायजा लिया।

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